मिलने की चाहत मे आस लगी होती है । मिलने की चाहत मे आस लगी होती है ।
कुछ ना कहके तुम चले गए बहुत कुछ ना कहके तुम हमारे दिल में रह गए। कुछ ना कहके तुम चले गए बहुत कुछ ना कहके तुम हमारे दिल में रह गए।
देह अग्नि जल जाऊँ मैं तो नीर बहाऊँ द्रवित हृदय से पी पी टेर लगाऊँ। देह अग्नि जल जाऊँ मैं तो नीर बहाऊँ द्रवित हृदय से पी पी टेर लगाऊँ।
आज सज लूँ तेरे लिए, फागुन तुझे दे कर, बरसात में भीग लूँ तेरे लिए। आज सज लूँ तेरे लिए, फागुन तुझे दे कर, बरसात में भीग लूँ तेरे लिए।
यदि निस्वार्थ प्रेम यही है तो प्रेम "प्रेम" के नाम पर कलंकृत है। यदि निस्वार्थ प्रेम यही है तो प्रेम "प्रेम" के नाम पर कलंकृत है।
अब भी उम्मीद लगाकर बैठे कि छूऐगा आकर पैरों को, तेरी राह देखते-२ अबतक बूढ़ी आँखों में थकान ना हुई........ अब भी उम्मीद लगाकर बैठे कि छूऐगा आकर पैरों को, तेरी राह देखते-२ अबतक बूढ़ी आँखों ...